CG NEWS:न्यौता भोजन योजनाः मॉनिटरिंग की कमी से पटरी से उतरती नज़र आ रही… !

CG NEWS:सूरजपुर : (मनीष जायसवाल )।  स्कूल शिक्षा विभाग की कुछ योजनाएं सिस्टम को पटरी पर बनाए रखने के लिए गेम चेंजर की भूमिका निभाती रही है ।लेकिन इस विभाग की खासियत रही है कि जब भी योजनाओं का खाका खिंचा जाता है तो जमीनी स्तर पर योजनाएं कैसे लागू होगी इसको लेकर बहुत अधिक विचार मंथन नहीं किया जाता  इसके कई उदाहरण है। इन्हीं में से एक है प्रदेश में चल रही मध्यान्ह भोजन योजना यानी प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत स्कूलों में अतिरिक्त पोषण देने के लिए प्रोत्साहन के रूप में इस साल फरवरी के महीने से शुरू हुआ न्योता भोजन है।जिसके प्रचार प्रसार की कमी और मॉनिटरिंग कमी की वजह से यह योजना पटरी से उतरती नजर आ रही है। न्योता भोजन की व्यवस्था चल तो रही है पर बड़ी और छोटी तस्वीरें अब समाने नहीं आ रही है। उत्साह गायब है। इसमें लोगों की भावनाएं नहीं जुड़ पाई है।

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा पोर्टल के अनुसार स्कूलों की कुल संख्या 56,895 है जबकि छात्रों की कुल संख्या 51,67,357 वही शिक्षकों की कुल संख्या 1,78,731 के करीब है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों, अधिकारियों सहित जिले की व्यवस्था संभाल रहे व्यवस्था के जिम्मेदार लोगों के जन्मदिन या उनके आम जीवन से जुड़े कुछ खास महत्वपूर्ण दिन आते जाते रहे। इस बीच न्योता भोजन को लेकर इस अवधि में खबरें और फोटो यदा कदा ही सामने आती रही है। इतना बड़ा मानव संसाधन होने के बाद भी न्योता भोजन कागजों में बहुत आगे नहीं निकला पाया है।

CG NEWS:एवीएम न्यू सैनिक स्कूल मे AISSEE ऑनलाइन भर्ती आवदेन जारी

अब तक हुए न्योता भोजन के आयोजन के दौरान यह बात समाने उभर कर आई कि जिस स्कूल में न्योता भोजन आयोजित होता है उस स्कूल के अलावा उस दिन उस क्षेत्र के संकुल तक के स्कूलों में शासन और सिस्टम का एक विशेष जुड़ाव होता है। इस वजह से स्कूल के साथ-साथ संकुल और ब्लॉक स्तर तक की व्यवस्था में कसावट दिखाई भी देती है।

मालूम हो कि राज्य के सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के लिए विशेष कर बनाई गई न्योता भोजन की व्यवस्था स्कूलों में दिए जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह केवल स्कूलों में मिलने वाले भोजन का पूरक है।इसमें कोई भी या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं।

न्योता भोजन योजना के तहत प्रदेश के स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गर्म भोजन को सामुदायिक भागीदारी की बदौलत और अधिक पोषक बनाने की अभिनव पहल की गई थी । न्योता भोजन का उद्देश्य समुदाय के बीच अपनेपन की भावना का विकास, भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि तथा सभी समुदाय वर्ग के बच्चों में समानता की भावना विकसित करना है। न्योता भोजन की अवधारणा सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है।

Related Articles